Rumored Buzz on shayari badmashi

उन्हें अब भी हमारी औकात का अंदाज़ा नहीं है।

मेरी हिम्मत को परखने की गुस्ताखी न करना

ज़िद होती तो तुझे ऐसा बर्बाद करता, तेरी नशले भी याद करके रोती….!

नाम हमारा सुनते ही सब हो जाते हैं कमाल।

गलतफहमी में है बेटा के सिर्फ तेरा ही राज है

क्योंकि अब मैं नए अंदाज में मिलने वाला हु…!

हम वो हिसाब हैं जो हर किसी से बराबर नहीं होता..! ☠

तेरे डबल मीनिंग जुमलों में भी मोहब्बत साफ लगती है।

हम बस हड्डियों को तोड़ने में विश्वास रखते हैं..!!

पर तू अभी बच्चा है get more info बचा के रख अपनी जवानी..!!

हमारी ख़ामोशी की वजह मेरे मां बाप है लाडले,

ऐसी लड़कियाँ ही तो असली कहानी बनाती हैं।

उकात से ज्यादा तो मेरे सिगरेट के खर्चे है!

Use this Badmashi Shayari to precise your character, make bold statements, and go away a long-lasting effect where ever words issue more than sounds.

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